हो गया। स्व श्रीमती झुरिया धार्मिक प्रवृत्ति की होकर मृदभाषी एवं धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत थी। आपने अनुशासन प्रिय जीवन जिया। आप अंतिम समय तक अपना नित्य कार्य स्वयं एवं धार्मिक अनुष्ठान करती रही । आपका सादा जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी था। स्व श्रीमती झुरिया अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई ।
उनके निवास स्थान से अंतिम यात्रा निकली जो आनंदी हनुमान मुक्ति धाम पहुंची जहां पुत्र बंकट लाल, सूर्य विजय ,डी एन झूरिया अन्य परिजनों ने मुखाग्नि दी ।स्व श्रीमती झुरिया की अंतिम यात्रा मे अग्रवाल समाज, पत्रकार संघ, विभिन्न संगठनों व गणमान्य नागरिकों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।